31 हफ्ते का गर्भ है-क्या उम्मीद की जाए?

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क्या आप यकीन कर सकती हैं कि 31 हफ्तों में आपके शिशु की पाँचों इंद्रियाँ पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं? वह अब पहले से अधिक स्मार्ट भी हो जाता है, जबकि आप खुद को अधिक भुलक्कड़ पा सकती हैं!इस हफ्ते आपका शिशु लगभग 46 cms का होता है, और यह जन्म के समय अपनी औसत लंबाई से केवल 7 cms ही कम रहता है। REM (रैपिड आई मूवमेंट) नींद की एक अवस्था होती है,जो इतनी अहम होती है कि कुछ अनुसंधानकर्ता कहते हैं कि मानव में 3 अवस्थाएँ होती हैं- जागने, सोने और REM वाली नींद में।

आपके शिशु के मस्तिष्क में कनेक्शन या साइनैप्सेस लाखों की संख्या में बन रहे होते हैं और उन्हें अपनी नन्हीं घिरी हुई दुनिया में प्राप्त होने वाले उद्दीपन से मदद मिलती रहती है। आपकी आवाज़, घर का शोर, छन कर आती रोशनी, गतिविधि और संगीत इत्यादि से इन अहम कनेक्शनों के निर्माण में मदद मिलेगी।

इस हफ्ते आपके शरीर में होने वाले बदलाव

इस हफ्ते, ब्रैक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शंस पर ध्यान दें, जो गर्भावस्था के अंतिम समय में होना आम माने जाते हैं और अक्सर इन्हें "फॉल्स-लेबर” के नाम से जाना जाता है, जो लगभग 30 सेकंड के लिए रहता है। बार-बार संकुचन या कॉन्ट्रैक्शन होना, समय पूर्व होने वाले प्रसव का संकेत हो सकता है, इसलिए अपने डॉक्टर से बात करना न भूलें।

 अपने स्तनों से किसी भी प्रकार के रिसाव पर ध्यान दें। पीला तरल जिसे कोलोस्ट्रम या 'प्रीमिल्क’ कहा जाता है, शिशु का पहला आहार होता है, और आपका शरीर शिशु के आगमन के लिए तैयार हो रहा होता है। कई महिलाओं में तीसरे ट्राइमेस्टर में स्ट्रैच मार्क्स पैदा हो जाते हैं, हालाकिं उन्हें बनने से रोकने के लिए कुछ किया नहीं जा सकता।
अपने शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाने के लिए आप जो कर सकती हैं वह करें, क्योंकि इस अवस्था में यह कम हो सकती है।

इस हफ्ते के सुझाव

  • यदि आप अपने 31वें हफ्ते के गर्भ में शिशु का रूप-रंग जानने के लिए बेताब हो रही हैं, तो इस अवस्था में 3D/4D अल्ट्रासाउंड करवाने का सही समय है! आप शायद अपने शिशु को आंखें झपकाते, अंगूठा चूसते और यहां तक कि मुस्कुराते या नाक-भौं चढ़ाते भी देख सकती हैं।
  • यह संभावित है कि आपको अपने शिशु के विकास की और अपनी जाँच करवाने के लिए हर माह डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ेगी।ये मुलाकातें काफी रोमांचक हो सकती हैं, भले ही ये आपको थोड़ा अधिक दोहराव वाली लग सकती हैं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड सीधा आपके शिशु के मस्तिष्क और आंखों की सेहत पर प्रभाव डालेंगे, अतः तैलीय मछली जैसे सार्डीन, सैमन और प्रॉन्स भी इसके अच्छे स्रोत माने जाते हैं। हर दिन एक मुट्ठी भर मेवे खाने का लक्ष्य रखें और मक्खन, मार्जरीन और थोड़ी क्रीम खाने से भी हिचकें।
  • अपनी डेस्क से उठकर टहलने के लिए जाने से आपके निचले अंगों को सामान्य रक्त संचरण से रक्त को वापस लाने में मदद मिलेगी। हर दिन व्यायाम के लिए भी टहलने का लक्ष्य रखें।