गर्भवती होने से पहले अनुवांशिक परामर्श का महत्व

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गर्भावस्था से पहले अनुवांशिक परामर्श क्यों आवश्यक है

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  • कभी-कभी आपके परिवार के इतिहास में जाने से आनुवंशिक विकारों वाले कई सगे-संबंधियों के बारे में अहम जानकारी मिलती है।
  • परिवार के इतिहास का अर्थ हो सकता है कि आप में (नहीं भी हो सकता है) किसी आनुवंशिक विकार (सिस्टक फाइब्रोसिस), क्रोमोजोमल विकार (जैसे कि डाउंस सिंड्रोम) या कंजेनिटल त्रुटि (जैसे कि क्लेफ़्ट पैलेट) होने की संभावना अधिक हो सकती है।
  • सबसे आम रोगों में शामिल होते हैं- हीमोफीलिया, थैलेसीमिया (अक्सर यह यूनानी वंश के लोगों में पाया जाता है), ताई-शे रोग, सिकल सेल ऐनीमिया (यह अफ्रीकन मूल के लोगों में ज्यादा पाया जाता है) तथा सिस्टिक फाइब्रोसिस।
  • एक विशेषज्ञ अनुवांशिक परामर्शदाता आपको किसी आनुवंशिक रोग के हस्तांतरित होने की घटना को समझने में मदद कर सकते हैं और आपको ऐसे खतरे से निपटने या आपके निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं।
  • अनुवांशिक परामर्श लेने के अन्य कारणों में शामिल हो सकते हैं- बार-बार गर्भ गिरने का इतिहास या जीवन-साथियों के बीच खून का रिश्ता होना।
  • यदि आप चिंतित हैं और आप विषय की गहराई में जाना चाहते हैं, तो आपका डॉक्टर आपको विशेषज्ञ के पास भेज सकता है।