17 हफ्ते का गर्भ है- क्या उम्मीद की जाए?

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17 हफ्ते का गर्भ है?

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इस हफ्ते आपके शरीर में होने वाले बदलाव

आपके शरीर में अतिरिक्त रक्त आपूर्ति होने से इस हफ्ते मुंह पर लाली आना आम बात है। आपमें से कइयों को अपनी हथेलियों में लाल रेखाएँ भी दिखाई पड़ सकती हैं। इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह बस अतिरिक्त रक्त आपूर्ति के कारण होता है। 

अपने शरीर की मुद्रा को लेकर आपकी ओर से थोड़ी सावधानी की ज़रूरत है। जैसे कि यदि आप किसी भारी चीज़ को उठा रही हैं, तो अपने घुटनों को मोड़ लें। अपनी जाँघों की शक्तिशाली पेशियों को काम करने दें। 

यदि आपको सायाटिक नर्व (नितंब की नसें) का दर्द है, तो आपको कई तकियों के साथ सोने का प्रयास करने की सलाह दी जाती है, ताकि आप शरीर के वज़न को अदल-बदल कर आराम महसूस कर सकें।यदि आप करवट लेकर अपने घुटनों के बीच एक तकिया रखकर लेटें और अपने ऊपरी पैर के घुटने को तकिए पर मोड़कर रखें तो इससे आपको मदद मिलेगी।

अपने नाखूनों को नेल-हार्डनर से रंगे, क्योंकि आपके नाखून टूटे हुए और और पपड़ीदार दिख सकते हैं।

इस हफ्ते आपके शिशु में होने वाले बदलाव

  • आपके शिशु की वृद्धि दर बढ़ जाती है। 
  • अब शिशु के लिंग का निर्धारण किया जा सकता है। 
  • शिशु के पैर लंबे और बेमेल दिखते हैं।
  • शिशु की नाजुक, लचीली त्वचा पर कोमल रक्त शिराएँ दिखाई पड़ने लगती हैं।
  • शिशु के सीने पर नन्हे निप्प्ल बन चुके होते हैं।
  • शिशु के मसूड़ों के भीतर दूध के दांतों का निर्माण हो रहा होता है।
  • आपके शिशु के फिंगरप्रिंट्स बनना शुरु हो जाते हैं।
  • शिशु अब हिलना-डुलना, अँगड़ाई लेना और उबासी लेना भी शुरु कर देता है।

 

शिशु का वज़न लगभग दुगना हो गया होता है और यह लगभग 13 centimetres लंबा हो चुका होता है। 

 

शिशु के लंबे पैर घुटनों और टखनों पर मुड़े होते हैं। आपके आहार सेवन से आपूर्ति प्राप्त करते हुए, उसकी हड्डियों में कैल्शियम जमा होने लगता है। 

 

आपके पानी के सेवन से मिलने वाला फ़्लोराइड आपके शिशु के मौखिक विकास के लिए अहम होता है, क्योंकि अब मसूड़ों में प्रारंभिक, शिशु/दूध के दांत बन जाते हैं।    

इस हफ्ते के सुझाव

बैठी/लेटी हुई स्थिति से झटपट उठ खड़ा होने से आपका रक्त चाप गिर सकता है, जिसके कारण आप बेहोश हो सकती हैं। इसलिए धीमे और सावधानीपूर्वक खड़ी होइए। 

इस अवस्था में, आपको अपने नेत्र विशेषज्ञ के पास जाना आवश्यक लग सकता है। हो सकता है कि आपके चश्मे के लेंस को बदलना पड़े। यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करती हैं, तो इससे आप असहज अनुभव कर सकती हैं। इससे परेशान न हों, यह प्रायः शिशु के जन्म लेने के बाद ठीक हो जाता है। 

जननांग, बगलों और स्तन के नीचे के हिस्सों को साफ-सुथरा बनाए रखें।त्वचा की रगड़ से पैदा होने वाले चकत्तों से बचने के लिए इन्हें बार-बार धोएं। ढीले-ढाले और आरामदेय सूती कपड़े पहनें। 

योग, वाटर ऐरोबिक्स, पाइलेट्स करने और फीज़ियोथेरेपी करवाने से आपकी रीढ़ संरेखित को बनाए रखने के लिए आपकी पेशियों को मज़बूत बनाने में मदद मिलेगी।

 आपमें से कुछ को सपोर्ट होज़ पहनने से बेहतर अनुभव हो सकता है, जिससे रक्त को आपके पैरों की ओर लौटने में मदद मिलती है। 

यदि आपको कोई बच्चा है और आप उसे गले मिलना या लिपटना चाहती हैं, तो पहले बैठ जाएँ और अपने बच्चे को अपनी गोद में चढ़ने को कहें और तब आप उससे गले मिलें। इस तरीके से आपको झुकना नहीं पड़ेगा। अपने बच्चे के साथ वॉक पर जाने के समय स्ट्रोलर का इस्तेमाल करें। 

 

आपके कपड़े जिन्हें आप अबतक आसानी से पहन सकती थीं, अब शायद वे अच्छी तरह से न आएं।शायद अब आपके लिए अपने नए कपड़े लेने का समय आ गया है। 

अपने शिशु से बात करें और उससे जुड़ें।शायद हो सकता है, कि प्रतिक्रिया में आप शिशु का हिलना-डुलना महसूस कर पाएं।

गर्भावस्था में आपके शरीर की बहुत सी चीज़ें बदल जाती हैं और उनमें से एक चीज़ आपकी हृदय गति हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान यह बढ़ सकती है।